भारत विरोधी नक्सल आंदोलन को समझना चाहते हैं तो पड़ें ये पुस्तक

भारत में नक्सल आंदोलन 1967 में एक छोटे से गाँव से आरंभ हुआ और धीरे धीरे भारत के बड़े भाग में फैल गया। विशेषकर छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, ओड़ीशा, आंध्रप्रदेश, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में नक्सल का प्रभाव दिखने लगा। केंद्र सरकार द्वारा भी नक्सलवाद को आंतरिक सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा संकट माना गया है। इस आंदोलन को कई झटके लगे हैं किन्तु फिर भी यह भारत की आंतरिक सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती बनता रहा है। अगर आपको नक्सल आंदोलन को अच्छे से समझना है तो पूर्व आईपीएस अधिकारी श्री प्रकाश सिंह जी द्वारा लिखी पुस्तक The Naxalite Movement in India अवश्य पड़नी चाहिए। वे उत्तर प्रदेश और असम के वरिष्ठतम पुलिस अधिकारी थे और सीमा सुरक्षा बल को भी कमांड देते रहे। उनका नागालैंड में आतंकी उथल पुथल विशेषकर असम में उल्फ़ा से निपटने, पंजाब में आतंकी घटनाओ से लड़ने और जम्मू कश्मीर में अलगाववादियों से निपटने मे योगदान रहा है। भारत सरकार ने उनकी विशिष्ट सेवाओं को देखते हुए उन्हे “पद्मश्री” से भी सम्मानित किया है।
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