जो कोई भी हिन्दू धर्मगुरु, विचारक अथवा व्यक्ति सभी धर्म, मज़हब और रिलीजियन को एक जैसा दर्शनशास्त्र कहता है वह महामूर्ख है
भारत में अनेकों धार्मिक, मज़हबी आस्थाएं हैं और सभी का सम्मान है। और सभी में विचारों का आदान प्रदान भी होता रहता है। मैं ये स्पष्ट कहना चाहता हूँ कि…
