नीब करौरी बाबा के जीवन पर आधारित फ़िल्म में मोहित गुप्ता ने निभाया युवा स्वरूप, दूसरा भाग भी जल्द होगा रिलीज़

विश्व भर में पूजनीय संत नीब करौरी बाबा (बाबा नीम करौली महाराज) का जीवन आज भी करोड़ों लोगों को प्रेरित करता है। उनके भक्तों में मार्क जुकरबर्ग (फेसबुक), स्टीव जॉब्स (एप्पल), जूलिया रॉबर्ट्स (हॉलीवुड अभिनेत्री) जैसे वैश्विक नामों से लेकर विराट कोहली (क्रिकेटर) और अनुष्का शर्मा (अभिनेत्री) तक शामिल हैं। अनेक भक्त उन्हें अपना गुरु मानते हैं, वहीं कई लोग उन्हें श्री हनुमान जी का स्वरूप भी मानते हैं। उनकी कृपा से असंख्य लोगों का जीवन बदला है।

बाबा को दुनिया भर में अलग-अलग नामों से जाना जाता है। कहीं “कंबल वाले बाबा”, कहीं “तलैया वाले बाबा”, तो कहीं “नीब करौरी महाराज”। जहाँ-जहाँ वे गए, लोगों ने उन्हें अपने-अपने भाव से पहचाना और स्वीकार किया। आज भी देश-विदेश से लोग उनके मंदिरों पर आकर नमन करते हैं। उन्होंने हमेशा राम नाम के जप और अपनी बात सीधे हनुमान जी से कहने के लिए सभी भक्तों को प्रेरित किया है।
ऐसे महान संत के जीवन पर आधारित फ़िल्म “श्री बाबा नीब करौरी महाराज” अब दो भागों में बनकर तैयार है। इसका पहला भाग 29 मई से देशभर के सिनेमाघरों में प्रदर्शित हो रहा है, जबकि दूसरा भाग भी आगामी महीनों में रिलीज़ किया जाएगा। फ़िल्म का ट्रेलर उत्तराखंड के माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, योग गुरु स्वामी रामदेव जी और स्वामी चिदानंद सरस्वती जी द्वारा रिलीज़ किया गया। इससे पहले फ़िल्म का पोस्टर उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह और फ़िल्म निर्देशक मधुर भंडारकर द्वारा लखनऊ में लॉन्च किया गया था।
फ़िल्म के निर्देशक और लेखक शरद सिंह ठाकुर हैं। फ़िल्म की सिनेमेटोग्राफी कार्तिक मल्लूर ने की है, जो दर्शकों को उस दौर और आध्यात्मिक वातावरण से जोड़ने का सफल प्रयास करती है।
फ़िल्म में कलाकारों की एक सशक्त टीम नज़र आई। गाज़ियाबाद के मोहित गुप्ता बाबा की किशोरावस्था व युवावस्था का चरित्र निभा रहे हैं, जबकि बाबा की प्रौढ़ावस्था व वृद्धावस्था की भूमिका मराठी सिनेमा के प्रसिद्ध और दिग्गज अभिनेता सुबोध भावे निभा रहे हैं। वहीं बाल्यावस्था का किरदार शांतनु वर्मा ने निभाया है।
फ़िल्म में गौरी शंकर, वर्षा माणिकचंद श्रीवास्तव, हितेन तेजवानी, राजेश शर्मा, हेमंत पांडेय, समीक्षा भटनागर, मिलिंद गुणाजी, अनिरुद्ध दवे, आरती नागपाल, लावण्या सिंह, पंकज विष्णु, निलेश शेवडे, पंकज कश्यप और श्याम लाल सहित कई प्रतिभाशाली कलाकार शामिल हैं।
मोहित गुप्ता, मूल निवासी सौरिख (जनपद कन्नौज), नीब करौरी गाँव से संबंध रखते हैं। यह वही स्थान है जहाँ बाबा नीब करौरी महाराज ने ट्रेन रोककर लोगों को अचंभित कर दिया था। इसी घटना के बाद उन्हें ‘नीब करौरी बाबा’ के नाम से पहचान मिली।
मोहित गुप्ता बचपन से ही परिवार सहित नीब करौरी गाँव, कैंची धाम और महाराज जी के जन्मस्थल उत्तर प्रदेश के अकबरपुर जाते रहे हैं। अभिनय के साथ-साथ वह एक लेखक भी हैं। उनकी पहली पुस्तक “महादेव का अभिशाप” पाठकों के बीच काफी लोकप्रिय रही और अमेज़ॉन पर बेस्टसेलर रही है।
उनके लिए यह फ़िल्म महज़ एक प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि महाराज जी की विशेष कृपा है। वह इसे कृपा इसलिए मानते हैं क्योंकि उन्हें अभिनय और अध्यात्म, दोनों से गहरा लगाव है, और जिनको उन्होंने बचपन से गुरु रूप में पूजा, उन्हीं का स्वरूप पर्दे पर जीने का उन्हें सौभाग्य प्राप्त हुआ है।
फ़िल्म की शूटिंग महाराष्ट्र के नाशिक और पुणे के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के प्रयागराज तथा उत्तराखंड के हल्द्वानी और कैंची धाम के समीप पुराने समय के सेट तैयार कर की गई है।
यह फ़िल्म केवल एक जीवनी नहीं, बल्कि अध्यात्म की उस अनुभूति को बड़े पर्दे पर जीवंत करने का प्रयास है, जिसने लाखों-करोड़ों लोगों के जीवन को छुआ है। 29 मई से देशभर के सिनेमाघरों में प्रदर्शित यह फ़िल्म दर्शकों को बाबा नीब करौरी महाराज की दिव्य जीवन-लीला और उनके संदेशों से जोड़ने का एक अद्भुत अवसर प्रदान कर रही है।