बलात्कार करने के बाद मौहम्मद अली ने उस छोटी सी लड़की को डराया कि कदाचित उसने कुछ बोला तो वो उसे और उसके सारे परिवार को जान से मार देगा। डरी सहमी कन्या कुछ ना बोल सकी।
28 नवम्बर 2016 में जब पिंकी की तबीयत बहुत खराब होने लगी तो उसके परिवार वाले उसे डाक्टर के पास लेकर गए। तब डाक्टर ने उन्हे बताया कि पिंकी गर्भवती है। परिवार वालों ने जब मौहम्मद अली और पड़ोस वालों को इसकी शिकायत करी तो उसने फिर उन्हे धमकाया कि वो उन सबको जान से मार देगा।
14 दिसम्बर को पिंकी के पिता ने आरईओ संस्था को संपर्क किया जो बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के अधिकारों के लिए कार्य करती है। संस्था के अध्यक्ष बिकाश स्वर्नोकर ने गब्टोली पुलिस थाने में जाकर अथक प्रयासों से इस अपराध के विरुद्ध एफ़आईआर करवाई लेकिन वो अपराधी मौहम्मद अली अपने राजनैतिक सम्बन्धों और स्थानीय मुस्लिम समर्थकों के समर्थन के कारण आज भी खुला घूम रहा है।
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